कामदेव
कामदेव हे अत्यंत सुंदर, आकर्षक आणि प्रभावित करणारे व्यक्तिमत्त्व मानले जातात.
कामदेवांची प्रमुख वैशिष्ट्ये
कामदेवांची प्रमुख वैशिष्ट्ये
- अतुलनीय सौंदर्य: कामदेव हे आपल्या काळातील सर्वात सुंदर आणि सुस्वरूप पुरुष असतात.
- चक्रवर्ती आणि तीर्थंकर रूप: २४ पैकी काही कामदेव हे पुढे जाऊन चक्रवर्ती बनले, तर काहींना तीर्थंकर पद प्राप्त झाले.
- वैराग्य आणि मोक्ष: बाह्य रूप अत्यंत आकर्षक असले तरी शेवटी संसाराचा त्याग करून जैन दीक्षा घेतात आणि तपश्चर्येद्वारे मोक्ष मिळवतात.
२४ कामदेव
| क्रम | कामदेवाचे नाव | विशेष ओळख / पद |
| १ | बाहुबली | पहिले कामदेव (भगवान ऋषभादेवांचे सुपुत्र, मोक्षप्राप्त) |
| २ | संजय | - |
| ३ | सुकुमार | - |
| ४ | अमिततेज | - |
| ५ | श्रीधर | - |
| ६ | शांतीनाथ | १६ वे तीर्थंकर आणि ५ वे चक्रवर्ती |
| ७ | कुंथुनाथ | १७ वे तीर्थंकर आणि ६ वे चक्रवर्ती |
| ८ | अरहनाथ | १८ वे तीर्थंकर आणि ७ वे चक्रवर्ती |
| ९ | महापद्म | ९ वे चक्रवर्ती |
| १० | हरिषेण | १० वे चक्रवर्ती |
| ११ | जयसेन | ११ वे चक्रवर्ती |
| १२ | दंतवक्र | - |
| १३ | वैश्रवण | - |
| १४ | सुदर्शन | - |
| १५ | प्रसन्नचंद्र | - |
| १६ | मम्मण | - |
| १७ | भरत | श्रीरामांचे बंधू (जैन रामायण) |
| १८ | दीर्घबाहु | - |
| १९ | प्रद्युम्न | श्रीकृष्णांचे सुपुत्र |
| २० | नागकुमार | - |
| २१ | सनत्कुमार | ३ रे चक्रवर्ती |
| २२ | सुभोम | ८ वे चक्रवर्ती |
| २३ | पद्म (श्रीराम) | ८ वे बलभद्र |
| २४ | महावीर (सर्वोत्तम) | २४ वे तीर्थंकर भगवान महावीर |
शांतिनाथ
भगवान शांतिनाथ हे जैन परंपरेतील अत्यंत विशेष तीर्थंकर आहेत, कारण ते एकाच जन्मात तीर्थंकर, चक्रवर्ती (१२ चक्रवर्तींपैकी ५ वे) आणि कामदेव (२४ कामदेवांपैकी १२ वे) या तिन्ही पदव्यांनी विभूषित होते.
अरहनाथ
भगवान अरहनाथ हे देखील एकाच जन्मात तीर्थंकर, चक्रवर्ती (७ वे) आणि कामदेव (१४ वे) या तिन्ही उच्च पदव्या धारण करणारे महापुरुष होते.
भगवान बाहुबली
भगवान बाहुबली हे जैन परंपरेतील त्याग, अहिंसा, स्वाभिमान आणि घोर तपश्चर्येचे सर्वोच्च प्रतीक मानले जातात. ते या कालचक्रातील पहिले मोक्षगामी पुरुष (पहिले सिद्ध) मानले जातात.